बेगुसराय, नवम्बर 23 -- बखरी, निज संवाददाता। श्री विश्वबंधु पुस्तकालय के आजीवन सदस्यों ने संरक्षण समिति के संयोजक को पत्र लिखकर आजीवन सदस्यों से 50 रुपये पुनर्विकरण शुल्क लिए जाने का कड़ा विरोध किया है। पत्र के माध्यम से उन्होंने संयोजक से निर्वाचन पदाधिकारी द्वारा जारी को निष्प्रभावी करने का आग्रह किया है। पत्र पर हस्ताक्षर करने वाले आजीवन सदस्य पूर्व सचिव आलोक आर्यन, नीरज नवीन, प्रशांत सोनी, समीर श्रवण आदि ने कहा है कि 13 नवंबर 2023 को हुए वार्षिक आमसभा की दूसरी बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि पुनर्विकरण शुल्क सत्र 2026-27 से लागू होगा। इसके बावजूद बीते दो वर्षों में न तो किसी आजीवन सदस्य से संपर्क किया गया और न ही कार्यकारिणी को इस नियम को प्रभावी करने संबंधी कोई निर्देश दिया गया। सदस्यों का आरोप है कि शुल्क जमा नहीं करने की स्थिति मे...