किशनगंज, फरवरी 2 -- दिघलबैंक। एक संवाददाता किशनगंज जिले के दिघलबैंक प्रखंड के सिंघीमारी पंचायत का लगभग आधा दर्जन गांव आजादी के 78 साल बाद भी केवल एक अदद पुल के अभाव में विकास के लिए पलकें बिछाए बैठा है। लेकिन इन ग्रामवासियों को आज तक किसी भी जनप्रतिनिधि या अधिकारी से आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिला है। स्थिति ऐसी है कि यदि बरसात के दिनों में कोई बीमार पड़ जाए तो उन्हें सीमावर्ती नेपाल जाने की मजबूरी हो जाती है। सिंघीमारी पंचायत का चार वार्ड के लगभग आधा दर्जन गांव डाकूपाड़ा, पलसा, बलुवाडांगी, मंदिर टोला आदि कनकई नदी पर पुल नहीं रहने के कारण आज भी विकास की मुख्य धारा से कटे हुए हैं। आवागमन दुर्गम होने के कारण सिंघीमारी पंचायत के नदी पार बसे इस हिस्से के लोग नेपाल जाना सुगम होने की वजह से इलाज के लिए नेपाल जाना बेहतर समझते हैं। यहां के लोगों को...
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