चक्रधरपुर, दिसम्बर 4 -- बंदगांव।पश्चिमी सिंहभूम जिले के सुदूरवर्ती बंदगांव प्रखंड के नकटी पंचायत अंतर्गत सेरेंगदा गाँव में आजादी के 76 साल बाद भी लोगों को मौलिक सुविधा नसीब नहीं हो रहा है। इसके लेकर ग्रामीणों की एक बैठक ग्राम मुंडा तुरी मुंडा के अध्यक्षता में हुई। बैठक में बाल अधिकार सुरक्षा मंच के प्रखंड अध्यक्ष तीरथ जामुदा मुख्य रूप से उपस्थित थे। बैठक में ग्रामीणों ने बताया की गांव घनघोर जंगलों के बीच अवस्थित है। यहां पर बिजली, पानी, सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य की भारी कमी है। जंगलों एवं पहाड़ों के बीच स्थित इस गांव में मोबाईल नेटवर्क नहीं है। गांव में कुल चौबीस परिवार रहते हैं। गांव में एक चापाकल है, जो ख़राब है। जिस कारण लोग चुआं का पानी पीने को विवश हैं। आजादी के 76वें वर्ष बांद भी गांव में बिजली नहीं पहुंची है। जिस कारण आज भी लोग ढिबरी...