जमशेदपुर, जून 20 -- सीतारामडेरा ईस्ट बंगाल कॉलोनी, पंजाबी रिफ्यूजी कॉलोनी एवं गोलमुरी स्थित सिंधी रिफ्यूजी कॉलोनी में रहने वाले शरणार्थियों ने भूमि बंदोबस्ती पट्टा (मालिकाना हक) दिलाने की गुहार लगाई है। इस संबंध में उन्होंने प्रधानमंत्री को भी पत्र भेजा है। उनका कहना है कि वे वर्ष 1950 से यहां रहते आ रहे हैं। उनके पूर्वज देश के विभाजन का दंश झेलकर आए, लेकिन वर्षों बाद भी इन परिवारों की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। कहा कि आजादी के बाद पूर्वी पाकिस्तान से बंगाली, पश्चिमी पाकिस्तान से पंजाबी एवं सिंधी परिवार के सदस्यों को इन क्षेत्रों में बसाया गया था। यह भूमि टाटा लीज से बाहर थी। ईस्ट बंगाल कॉलोनी में 135 बंगाली शरणार्थी एवं पंजाबी व सिंधी रिफ्यूजी कॉलोनी में 350 शरणार्थियों को आवास बनाकर बसाया गया था। वर्तमान में इनकी संख्या क्रमश: 20...
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