रामपुर, मई 31 -- शहर के चर्चित यतीमखाना प्रकरण में गवाह रीकॉल कराने के बचाव पक्ष के तीनों प्रार्थना पत्र अदालत ने खारिज कर दिए हैं। एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट के इस आदेश को सपा नेता आजम को झटका के तौर पर देखा जा रहा है। मालूम हो कि सपा सरकार में शहर कोतवाली क्षेत्र के यतीमखाना में जबरन बस्ती को खाली कराया गया था। आरोप है कि तत्कालीन मंत्री मोहम्मद आजम खां के इशारे पर उनके मीडिया प्रभारी, तत्कालीन सीओ सिटी, कुछ पुलिस वालों और ठेकेदारों ने घरों में लूटपाट और तोड़फोड़ की थी, विरोध करने पर मारपीट भी की थी। इन मुकदमों की पत्रावली एग्जाई करते हुए एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट में एक साथ सुनवाई चल रही है। पूर्व में बचाव पक्ष की ओर से तीन अलग-अलग प्रार्थना पत्र दिए गए थे, जिसमें गवाहों को रीकॉल कराने का अनुरोध अदालत से किया था। इस पर अभियोजन पक्ष ने आपत्ति लगाई...
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