रामपुर, सितम्बर 7 -- रामपुर। लूट-डकैती और धोखाधड़ी में सीतापुर जेल में बंद सपा के राष्ट्रीय महासचिव मोहम्मद आजम खां शनिवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश हुए। लेकिन, निर्णय पर लगी पत्रावली पर कोर्ट ने फैसला नहीं सुनाया। अब इस केस में 16 सितंबर की तारीख मुकर्रर की गई है। मालूम हो कि 2019 में आजम खां सपा के टिकट पर लोकसभा प्रत्याशी थे। इस दौरान उन्होंने सिविल लाइंस में जनसभा की थी। आरोप है कि जनसभा के दौरान आजम खां ने भड़काऊ बयान देते हुए वोट की अपील की थी। इस मामले में तत्कालीन उप जिलाधिकारी एवं एआरओ पीपी तिवारी ने 24 अप्रैल 2019 को सिविल लाइंस कोतवाली में भड़काऊ भाषण और आचार संहिता उल्लंघन की धाराओं में आजम पर मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें बाद विवेचना पुलिस ने आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया था। जिसका ट्रायल एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट...
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