जमशेदपुर, फरवरी 20 -- पूर्वी सिंहभूम के चाकुलिया क्षेत्र में 2200 हेक्टेयर में फैले काजू के बगान इन दिनों आग से प्रभावित हो रहे हैं। इन बगान से इस वर्ष करीब 50 क्विंटल काजू उत्पादन का अनुमान लगाया गया था, लेकिन लगातार लग रही आग के कारण करीब 30 प्रतिशत फसल प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, जंगलों में लकड़ी काटने, सूखी पत्तियां साफ करने और महुआ चुनने के दौरान आग लगाई जाती है, जो नियंत्रण से बाहर होकर काजू बागान तक फैल जाती है। तेज हवा और सूखे मौसम के कारण आग तेजी से फैलती है और फलदार पेड़ों के साथ नए पौधों को भी नष्ट कर देती है। इससे न केवल वर्तमान उत्पादन प्रभावित हो रहा है, बल्कि आने वाले वर्षों की पैदावार पर भी खतरा मंडरा रहा है। फरवरी में ही काजू फूल और फल आने शुरू हो जाते हैं। लेकिन आग में झुलसकर फूल बड़े ...