नई दिल्ली, जुलाई 19 -- आम आदमी पार्टी ने हाल ही में एक चौंकाने वाला फैसला लिया, जब उसने विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' से औपचारिक रूप से दूरी बना ली। AAP सांसद संजय सिंह ने साफ कहा, 'हम अब इंडिया गठबंधन का हिस्सा नहीं हैं। यह गठबंधन 2024 के लोकसभा चुनावों तक ही था।' यह बयान न केवल विपक्षी एकता के लिए एक झटका है, बल्कि भारतीय राजनीति में नए समीकरणों की शुरुआत का संकेत भी देता है। आखिर AAP ने यह कदम क्यों उठाया? क्या यह कांग्रेस के साथ बढ़ती कटुता का नतीजा है या अपनी क्षेत्रीय ताकत को मजबूत करने की रणनीति? चलिए समझते हैं।गठबंधन की 'सीमित वैलिडिटी' AAP का कहना है कि इंडिया गठबंधन की 'एक्सपायरी डेट' 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ खत्म हो गई थी। संजय सिंह ने स्पष्ट किया कि गठबंधन का मकसद बीजेपी को हराना था, जिसमें विपक्ष ने 240 सीटें हासिल कीं। लेकिन अब...
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