उन्नाव, जनवरी 12 -- शिव विनीत वाजपेई उन्नाव। जनपद में कोडीन सिरप की कालाबाजारी का मामला अब विभागीय भ्रष्टाचार की गहरी साजिश में बदलता नजर आ रहा है। जहां आम मेडिकल स्टोर संचालकों को लाइसेंस के लिए महीनों भटकना पड़ता है, वहीं नशीली दवाओं के अवैध कारोबार में संलिप्त आरोपी के भाई को सात दिनों के भीतर दो लाइसेंस थमा दिए गए। मामले की परतें खुलने के बाद विभागीय अधिकारी भी सकते में हैं। जनपद में कोडीन की कालाबाजारी करने के आरोपियों ने औषधि विभाग के भीतर तक पैठ बना रखी है। इस बात का अंदाजा इसी से लग सकता है कि लखनऊ की इधिका लाइफसाइंसेज से 1.25 लाख की खरीद करने वाली बांगरमऊ की अंबिका हेल्थकेयर फर्म के प्रोपराइटर अजय के भाई अरुण कुमार को औषधि विभाग ने सात दिनों के भीतर दो लाइसेंस जारी कर दिए। जिसमें पहला लाइसेंस सात जुलाई 2018 को जारी किया गया। जिसका...