चूरू, अक्टूबर 18 -- चूरू के तारानगर की रात 17 अक्टूबर को गोलियों की गूंज से अचानक जाग उठी। ओजरिया गांव की नींद टूट गई, घरों के दरवाज़े बंद हो गए, और सन्नाटा कुछ पल को चीखों में बदल गया। महावीर झाझड़िया के घर पर चली गोलियों ने इलाके में दहशत फैला दी लेकिन किसी को नहीं पता था कि पुलिस महज दो घंटे में इस रहस्य की परतें खोलने वाली है। सुबह 11 बजे जैसे ही सूचना थाना तारानगर पहुंची, एसएचओ सतवीर मीणा तुरंत मौके पर पहुंचे। घटनास्थल पर सन्नाटा था बस दीवारों पर गोलियों के निशान, और लोगों की डरी हुई आंखें। पुलिस के लिए यह किसी फिल्मी पहेली से कम नहीं था। कोई गवाह नहीं, कोई सीधा सबूत नहीं. बस एक सवाल कौन थे वो, जो जान लेने आए थे और हवा में गायब हो गए?" जैसे-जैसे मिनट बीत रहे थे, पुलिस का धैर्य और तेजी दोनों बढ़ रहे थे।टीम ने गांव और आस-पास के रास्तों...
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