प्रयागराज, मई 25 -- प्रयागराज, अनिकेत यादव। दिल्ली से श्रीनगर जा रहे विमान के तूफान में फंसने के कारण अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त होने की घटना चर्चा में है। 21 मई को हुई इस घटना से विमान में सवार 227 यात्रियों की जान सांसत में पड़ गई थी। भविष्य में इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए मोतीलाल नेहरू नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमएनएनआईटी) के वैज्ञानिकों ने रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) के प्रोजेक्ट पर काम शुरू कर दिया है। डीआरडीओ ने एमएनएनआईटी के अप्लाइड मेकैनिक्स विभाग को 59.70 लाख रुपये की ग्रांट प्रदान की है। एमएनएनआईटी के अप्लाइड मेकैनिक्स विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. आशुतोष कुमार उपाध्याय ने बताया कि आकाशीय बिजली से विमानों की क्षति एक गंभीर समस्या है। आकाशीय बिजली से विमानों की क्षति के कारण को तलाशा जाएगा। यह पत...
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