नई दिल्ली, मार्च 26 -- यूपी में आउटसोर्स कर्मियों को रखने के नाम पर अब जुगाड़ नहीं चलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आउटर्सोसिंग के माध्यम से होने वाली भर्तियों में गड़बड़ी और शोषण को रोकने के लिए निगम बनाने जा रहे हैं। इसे उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम नाम दिया जा रहा है। भर्तियों का मानक भी तय किया गया है। अभ्यर्थियों के चयन की प्रक्रिया उसके पारिवारिक आय, उसकी आयु, निर्धारित योग्यता, पद के लिए मानक और कहां का निवासी है, अब इसके आधार पर किया जाएगा। भर्ती के लिए कोई भी साक्षात्कार नहीं होगा। निम्न पारिवारिक आय, ग्रामीण क्षेत्र वाले अभ्यर्थियों की सूची सबसे ऊपर रखी जाएगी। उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम द्वारा होने वाली भर्तियों में योग्यता के साथ आयु सीमा को पहली प्राथमिकता दी जाएगी। विधवा, तलाकशुदा, परित्यक्ता महिलाओं को भी वरियता दी ...
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