जमशेदपुर, दिसम्बर 9 -- एमजीएम अस्पताल में आईसीयू और वेंटिलेटर सुविधा नहीं होना गंभीर मरीजों के लिए लगातार मुसीबत बनता जा रहा है। यहां आने वाले कई मरीजों को या तो रेफर किया जाता है या फिर इस शर्त पर भर्ती किया जाता है कि अस्पताल में आईसीयू और वेंटिलेटर उपलब्ध नहीं हैं। इसके लिए परिजनों से लिखित सहमति ली जाती है और उसी आधार पर मरीज को रखा जाता है। हर महीने करीब 70 से 80 मरीज ऐसे होते हैं जिन्हें रेफर किया जाता है, लेकिन इनमें कई मरीज ऐसे होते हैं जो रांची रिम्स तक जाने की स्थिति में नहीं होते या वहां जाने में सक्षम नहीं हैं। मजबूरी में वे एमजीएम में ही इलाज कराते हैं और पर्याप्त सुविधा न मिलने के कारण कई मरीज दम तोड़ देते हैं। मरीजों ने बताया कि रेफर किए जाने पर 108 एंबुलेंस अक्सर तुरंत उपलब्ध नहीं होती। ऐसे में उन्हें निजी वाहन का सहारा ले...