वाराणसी, नवम्बर 17 -- वाराणसी। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (बीएचयू), वाराणसी के स्कूल ऑफ बायोमेडिकल इंजीनियरिंग स्थित ट्रांसलेशनल नैनोमेडिसिन फॉर थेरेप्यूटिक अप्लीकेशन लेबोरेटरी के शोधकर्ताओं ने एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक उपलब्धि हासिल की है। टीम ने सूजन से संबंधित बीमारियों के उपचार एवं प्रबंधन के लिए एक अभिनव पॉलिमरिक नैनोमेडिसिन विकसित की है, जो वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ते स्वास्थ्य संकट के समाधान की दिशा में आशाजनक कदम है। सूजन संबंधी बीमारियाँ विश्वभर में सभी आयु वर्ग के लोगों को प्रभावित करती हैं। दीर्घकालिक सूजन (क्रॉनिक इंफ्लेमेशन) रूमेटाइड आर्थराइटिस, इंफ्लेमेट्री बाउल डिजीज, सोरायसिस और सिस्टमिक ल्यूपस एरिथेमैटोसस जैसी गंभीर स्थितियों की प्रमुख वजह है। यदि इनका उपचार न किया जाए तो यह ऊतकों को नुकसान, अंगों की कार्यक्षमता में कमी,...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.