नई दिल्ली, जून 20 -- आईआईटी गुवाहटी के शोधकर्ताओं ने सामुदायिक स्तर पर जलशोधन की एक किफायती तकनीक विकसित की है। इस तकनीक से भूजल से फ्लोराइड व आयरन जैसी अशुद्धियां दूर की जा सकेंगी और एक दिन में 20 हजार लीटर तक जल शोधन किया जा सकता है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। शोध के निष्कर्ष एक प्रतिष्ठित वॉटर जरनल में प्रकाशित हुए हैं। शोधकर्ताओं का दावा है कि यह व्यवस्था बेहद किफायती है और इससे 1000 लीटर जल का शोधन करने में केवल 20 रुपये का खर्च आएगा। संस्थान के केमिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. मिहिर कुमार पुरकेत के अनुसार दंत देखभाल उत्पादों, कीटनाशकों व उर्वरकों में प्रयोग किया जाने वाला रसायन फ्लोराइड प्राकृतिक रूप से भूजल तक पहुंच जाता है। ऐसे पानी के प्रयोग से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं जिनमें हड्डियों से संबंधित दिक्कतें प्रमुख हैं...