कानपुर, फरवरी 4 -- आईआईटी कानपुर में निरंतर अंतराल पर हो रहीं आत्महत्याओं की घटना के बाद अब छात्र-छात्राओं ने भी ठोस कदम उठाने की मांग की है। सोशल मीडिया के माध्यम से छात्रों ने आत्महत्याओं के साथ उसमें होने वाली जांच की रिपोर्ट को साझा करने की मांग की है। जिससे गलत सूचनाएं व अफवाहों को रोका जा सके। छात्रों ने संस्थान प्रशासन से मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में स्पष्ट जवाबदेही तय करने और ठोस सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है। आईआईटी कानपुर में पिछले दो सालों में नौ आत्महत्या हुई हैं, जो सभी आईआईटी में घटित घटनाओं का 30 फीसदी है। इन आत्महत्या की घटनाओं से छात्र परेशान हैं। सोशल मीडिया पर बने पेज के माध्यम से आईआईटी के छात्रों ने अपनी मांगों को उठाया है। पीएचडी छात्रों ने डॉक्टोरल मॉनिटरिंग कमेटी (डीएमसी) की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए ह...
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