उन्नाव, अक्टूबर 25 -- उन्नाव। रोशनी के त्योहार दिवाली में कैल्यिशम कार्बाइड गन का प्रयोग कई लोगों के लिए अंतहीन अंधेरे का सबब साबित हुआ है। इन दिनों अस्पतालों के नेत्र रोग विभाग में कई ऐसे मरीज आ रहे हैं, जिनकी समंजन क्षमता गन का प्रयोग करने के बाद प्रभावित हुई है। इनमें बच्चों के साथ बड़ी संख्या में वयस्क भी शामिल हैं। शरीर की पांच प्रमुख इंद्रियों में आंखों को सबसे जरूरी व संवेदनशील अंग माना जाता है। इन्हीं से हम रंग, प्रकाश, चेहरे, भावनाएं व जीवन की सुंदरता को देख पाते हैं। आंखों के बिना हर दुनिया का हर रंग, हर दृश्य फीका पड़ जाता है। हालांकि जरा सी लालच के चक्कर में लोग जीवन की इस बहुमूल्य धरोहर को खतरे में डाल देते हैं। महज 200 से 250 रुपये के बीच मिलने वाली कार्बाइड गन ने लोगों की बहुमूल्य आंखों को बुरी तरह प्रभावित किया है। जिला अस्प...
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