गाजीपुर, फरवरी 5 -- भांवरकोल, हिन्दुस्तान संवाद। क्षेत्र के कनुवान गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान-यज्ञ के तीसरे दिन कथा व्यास प्रेमनिधि दास महाराज ने वामन अवतार और नरसिंह लीला का भावपूर्ण वर्णन कर श्रद्धालुओं को भक्ति-रस में डुबो दिया। उन्होंने कहा कि दंभ और अहंकार से जीवन में कभी स्थायी सफलता नहीं मिलती। धन-संपदा क्षणभंगुर है, इसलिए मानव जीवन का वास्तविक उद्देश्य सेवा, परोपकार और ईश्वर भक्ति होना चाहिए। कथा व्यास ने भक्त प्रहलाद, भरत, पृथु चरित्र, हिरण्यकश्यप वध, भगवान नरसिंह अवतार और समुद्र मंथन की कथाओं का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा आनंद का स्रोत है। जिस अवस्था में मन आनंदित रहता है, वहां पाप का प्रवेश नहीं हो पाता। भागवत कथा ऐसा दिव्य अमृत है, जिसे जितना भी पिया जाए, मन कभी तृप्त नहीं होता। हिरण्यक...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.