बदायूं, जनवरी 22 -- बिल्सी। गांव पिंडौल के शिव मंदिर पर चल रही रामकथा में कथा व्यास पं. गौरव देव शर्मा ने लंका दहन एवं रावण वध की कथा का वर्णन किया। कथा व्यास ने बताया कि रामायण का यह प्रसंग धर्म और अधर्म के संघर्ष का प्रतीक है। हनुमान जी ने अशोक वाटिका में माता सीता का पता लगाकर रावण को श्रीराम का संदेश दिया और उसकी अहंकारपूर्ण शक्ति को चुनौती दी। इसके बाद हनुमान जी ने लंका दहन कर अपने बल, बुद्धि और प्रभु भक्ति का परिचय दिया। अंत में श्रीराम ने रावण का वध कर अधर्म का नाश किया और धर्म की स्थापना की। रावण वध के बाद माता सीता की वापसी, विभीषण का राज्याभिषेक और अयोध्या लौटकर श्रीराम का भव्य स्वागत हुआ। गुरु वशिष्ठ द्वारा श्रीराम का राजतिलक संपन्न कराया गया।
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