संतकबीरनगर, सितम्बर 25 -- संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। संतकबीरनगर जिले में जिस अनुरूप अस्पतालों का निर्माण कराया जा रहा है उस अनुरूप फार्मासिस्टों का पद सृजित नहीं किया जा रहा है। अस्पताल बनकर तैयार हो जाता है। विभाग को हैंडओवर कर दिया जाता है। शासन से अस्पताल को मुख्य चिकित्साधिकारी को हैंडओवर भी कर दिया जाता है, लेकिन पद सृजन नहीं किया जाता है। जब पद सृजित नहीं होता है तो नियुक्ति का सवाल ही नहीं पैदा होता है। ऐसे में मरीजों की सेहत से भी खिलवाड़ हो रहा है। नौकरी की आस में फार्मासिस्ट का कोर्स करने वाला युवा संवर्ग ठगा महसूस कर रहा है। किसी भी चिकित्सालय में डाक्टर के बाद दूसरा महत्वपूर्ण पर फार्मासिस्ट का होता है। चिकित्सक जो दवाएं लिखते हैं उन दवाओं को देने का काम फार्मासिस्ट का होता है। दवा देने के साथ फार्मासिस्ट मरीज को यह भी समझात...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.