रांची, फरवरी 20 -- रांची, हिन्दुस्तान टीम। राजधानी समेत राज्य के विभिन्न प्रखंडों में वर्ष 2011-12 में बड़े उद्देश्यों के साथ स्थापित किए गए मॉडल स्कूल आज अस्तित्व के संकट से जूझ रहे हैं। अंग्रेजी माध्यम में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की परिकल्पना के साथ शुरू हुई इस योजना की जमीनी हकीकत निराशाजनक है। स्थिति यह है कि कई स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या काफी घट गई है और कक्षाएं सूनी पड़ी हैं। शिक्षा विभाग ने आगामी सत्र के लिए नामांकन प्रक्रिया प्रारंभ की है, लेकिन शिक्षकों के समक्ष सीटें भरना बड़ी चुनौती है। अभिभावकों के कम रुझान के पीछे बुनियादी संरचनात्मक संकट प्रमुख कारण है। अनेक संस्थानों में विषय-विशेषज्ञ शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं, जबकि प्रयोगशालाएं और पुस्तकालय संसाधनहीन हैं। शिक्षकों के प्रयासों के बावजूद यहां सीटें नहीं भर पा...
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