नई दिल्ली, नवम्बर 29 -- असम की हिमंत बिस्वा सरकार के कैबिनेट मंत्री बिमल बोरा ने स्पीकर के सामने विधानसभा में एक हिरासत केंद्र बनाने का प्रस्ताव रखा है। बोरा ने दावा किया कि सदन की कार्यवाही से निलंबित किए गए विधायक पहले ही यहां से निकल जाते हैं, और फिर मीडिया के सामने अपने हिसाब से बयानबाजी करके एक नैरेटिव सेट करने की कोशिश करते हैं। गौरतलब है कि बोरा का यह बयान प्रश्नकाल के दौरान निर्दलीय विधायक अखिल गोगोई को निलंबित किए जाने के तुरंत बाद आया। बोरा ने अपनी बात रखते हुए विधानसभा अध्यक्ष बिस्वजीत दैमारी से कहा कि इस पर विचार किया जा सकता है। उन्होंने कहा, "निलंबित विधायकों को विधानसभा परिसर से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए क्योंकि वे सदन में हुईं गतिविधियों पर केवल अपना पक्ष रखते हैं। इसे रोकने के लिए शायद एक सभी सुविधाओं से युक्...