जमशेदपुर, जनवरी 30 -- असम के कोकराझार जिले में भड़की जातीय हिंसा के बाद वहां के संताल आदिवासी समुदाय के लोग बेहद संकट के दौर से गुजर रहे हैं। बोडो और संताल आदिवासियों के बीच हुए हिंसक संघर्ष के बाद हजारों परिवारों के आशियाने जलकर खाक हो चुके हैं। इस त्रासदी की गूंज अब झारखंड और ओडिशा के आदिवासी समाज में सुनाई दे रही है। असम में अपने भाइयों की मदद के लिए जमशेदपुर समेत पूरे कोल्हान और पड़ोसी राज्यों में बड़े पैमाने पर 'क्राउड फंडिंग' (जन-सहयोग) अभियान शुरू किया गया है। असम के कोकराझार और आसपास के इलाकों में स्थिति अब भी तनावपूर्ण बनी हुई है। हिंसा के दौरान संताल आदिवासियों के घर जला दिए जाने के बाद, हजारों लोग भीषण ठंड और संसाधनों की कमी के बीच सरकारी राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं। वहां भोजन, स्वच्छ पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव दे...