नई दिल्ली, नवम्बर 14 -- दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को शिक्षाविद् अशोक स्वैन की याचिका पर केंद्र से जवाब मांगा। याचिका में उन्होंने कथित ब्लैकलिस्टिंग आदेश को चुनौती दी है। इसी वजह से स्वैन को भारत में प्रवेश करने से रोक दिया गया है। न्यायमूर्ति सचिन दत्ता की पीठ ने स्वैन की याचिका पर नोटिस जारी किया। पीठ ने केंद्रीय गृह एवं विदेश मंत्रालय, स्वीडन व लातविया में भारतीय दूतावास और आव्रजन ब्यूरो को तीन सप्ताह में जवाब दाखिल करने को कहा है। हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 18 दिसंबर को तय की है। स्वैन ने अपनी याचिका में कहा कि अधिकारी एक अज्ञात ब्लैकलिस्टिंग आदेश के तहत काम कर रहे हैं, जिसकी विषयवस्तु व कानूनी आधार न तो उन्हें बताए गए और न ही नागरिकता अधिनियम, प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों और संवैधानिक सुरक्षा के तहत अनिवार्य प्रक्रियात्मक सु...
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