नई दिल्ली, जनवरी 16 -- राजस्थान में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद अब भजन लाल सरकार में कैबिनेट मंत्री सुमित गोदारा ने खुलकर पलटवार किया है। SIR के साथ-साथ फोन टैपिंग का मुद्दा भी एक बार फिर प्रदेश की राजनीति के केंद्र में आ गया है। दरअसल, SIR प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण का कार्य राजस्थान सहित कई राज्यों में चल रहा है। इसी प्रक्रिया को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बीजेपी सरकार और प्रशासन पर कांग्रेस समर्थकों के नाम मतदाता सूची से हटवाने का आरोप लगाया था। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए खतरनाक बताते हुए अधिकारियों पर दबाव और धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। गहलोत के आरोपों से बढ़ा सियासी तापमान 15 जनवरी 2026...
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