मुजफ्फरपुर, जून 7 -- मुजफ्फरपुर। ऑटो और ई-रिक्शा चालक का क्षेत्र परंपरागत रूप से पुरुषों के वर्चस्व वाला माना जाता रहा है। पिछले कुछ सालों में महिलाओं ने भी इस मान्यता को चुनौती दी है। हालांकि, महिला होने के कारण आज भी उनको कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। बुनियादी सुविधाओं के अभाव से लेकर कई तरह की परेशानी झेलनी पड़ती है। उनका कहना है कि यातायात पुलिस और नगर निगम के कर्मी नियमों की आड़ में अवैध वसूली करते हैं तो राह चलते रंगदार भी दबंगई करते हैं। शहर में जिला प्रशासन और नगर निगम के डेढ़ दर्जन से अधिक ऑटो स्टैंड हैं पर यहां बस टोकन कटता है। स्टैंड में सार्वजनिक शौचालय या रेस्ट रूम तक की सुविधा नहीं होने से उन्हें परेशानी उठानी पड़ती है। मुजफ्फरपुर जैसे छोटे शहर में भी सड़कों पर महिलाएं ऑटो और ई-रिक्शा दौड़ाते धड़ल्ले से मिल जाए...
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