गुड़गांव, नवम्बर 20 -- गुरुग्राम,प्रमुख संवाददाता। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने एक महत्वपूर्ण फैसले में अदानी ब्रह्म सिनर्जी कंपनी को फ्लैट की बिक्री के दौरान गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) के नाम पर एक महिला से अवैध रूप से लिए गए 19.25 लाख रुपये ब्याज सहित वापस करने का आदेश दिया है। इसके अलावा कंपनी को मानसिक परेशानी और कानूनी खर्च के रूप में अलग से Rs.1.55 लाख का भुगतान भी करना होगा। यह आदेश जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के अध्यक्ष संजीव जिंदल ने सेक्टर-60 निवासी सुमन अरोड़ा की याचिका पर सुनाया। सेक्टर-60 निवासी सुमन अरोड़ा ने अपनी याचिका में बताया कि उन्होंने अदानी ब्रह्म सिनर्जी लिमिटेड द्वारा सेक्टर-60 में विकसित किए जा रहे समसारा प्रोजेक्ट में एक फ्लैट बुक किया था। बिल्डर के साथ उनका पहला करार 14 जुलाई 2018 को 1.85 करोड़ रु...