सहारनपुर, दिसम्बर 14 -- देवबंद, संवाददाता। अवैध दस्तावेजों के आधार पर दारुल उलूम में दीनी तालीम हासिल करने के दौरान पुलिस की पकड़ में आए बांग्लादेशी की विवेचना पर अदालत ने अंसतोष व्यक्त किया। अदालत ने तथ्य को नजरंदाज करने और साधारण धाराओं में मुकदमा दर्ज करने पर विवेचक को कड़ी फटकार लगाई। कोर्ट ने पुलिस को मुकदमे की अग्रिम विवेचना के आदेश दिए। अप्रैल 2022 में पुलिस ने अवैध दस्तावेजों के आधार पर दारुल उलूम में प्रवेश लेकर कक्षा आठ में पढ़ने वाले छात्र फारूक को गिरफ्तार किया था। मामले में पुलिस द्वारा विवेचना से असंतुष्ट एसीजेएम परविंदर सिंह की अदालत ने अभियुक्त के देश विरोधी, आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त होने के बाद भी उसके अन्य बंग्लादेशी साथियों एवं उन्हें फर्जी प्रमाण पत्र उपलब्ध करने वालों के खिलाफ विवेचक द्वारा तथ्यों को नजरअंदाज कर साध...