हरदोई, नवम्बर 27 -- मल्लावां। कस्बे से दिल्ली के लिए चल रही स्लीपर निजी बसों पर प्रशासन लगाम लगाने में नाकाम साबित हो रहा है। स्थिति यह है कि अवैध संचालन के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी जानकर भी अनजान बने हुए हैं, जिससे सरकार को हर महीने लाखों रुपये का राजस्व नुकसान उठाना पड़ रहा है। कस्बे और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग दिल्ली सहित अन्य शहरों के लिए यात्रा करते हैं। निजी बसों का किराया रोडवेज से कम होने के कारण यात्री इन्हें ही प्राथमिकता देते हैं। कस्बे से दो बसों का आवागमन रोजाना हो रहा है, जो शाम को चुंगी नंबर दो से दिल्ली के लिए रवाना होती हैं। इसी प्रकार मल्लावां चौराहे से ईको और लग्जरी कारों द्वारा लखनऊ के लिए खुलेआम सवारी ढोई जा रही है। ये वाहन एक यात्री से 130 रुपये का किराया लेते हैं, जबकि रोडवेज बस का ...