नई दिल्ली, नवम्बर 19 -- बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि नवी मुंबई में बढ़ते अवैध निर्माण गंभीर चिंता का विषय हैं और महाराष्ट्र सरकार को 'निष्क्रिय दर्शक' नहीं बने रहना चाहिए क्योंकि मध्यम वर्ग के घर खरीदार ही इसके अंतिम शिकार हैं। मुख्य न्यायाधीश श्री चंद्रशेखर और न्यायमूर्ति गौतम अंखड की पीठ ने पिछले सप्ताह एक जनहित याचिका पर दिए आदेश में कहा कि बिना जरूरी अनुमति के या स्वीकृत योजनाओं का उल्लंघन करके निर्मित इमारतों की संख्या अधिकारियों और डेवलपर्स के बीच सांठगांठ की ओर इशारा करती है। आदेश की प्रति बुधवार को उपलब्ध हुई। आदेश स्थानीय निवासी संदीप ठाकुर द्वारा दायर एक जनहित याचिका पर पारित किया गया, जिसमें टाउनशिप में कई अवैध इमारतों पर चिंता जताई गई थी।

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