दिल्ली, फरवरी 23 -- बिहार में कुछ नदियां या तो बरसाती नदियां बनकर रह गई हैं या फिर धीरे-धीरे विलुप्त होने की कगार पर हैं.इसका असर पर्यावरण, भूगर्भीय जल और जलीय जीव-जंतु पर भी पड़ रहा है.जलवायु परिवर्तन, अतिक्रमण, सरकारी तंत्र की लापरवाही और बेहतर प्रबंधन की कमी से जल संपदा में धनी बिहार की कई नदियों का अस्तित्व खतरे में है.राज्य के जल संसाधन विभाग द्वारा कराई गई नदियों की गणना (जीआईएस सर्वे) में 600 नदियों का पता चला, किंतु इनमें 340 ही अभी ज्ञात हैं.अर्थात 260 नदियां सूख गईं या गाद के चलते भर गईं.कई नदियों की स्थिति ऐसी है कि उनके बहाव क्षेत्र में किसान खेती कर रहे हैं.दरअसल, प्रदेश का कोई भी इलाका हो, वहां की कई ऐसी छोटी नदियां हैं, जिनमें पानी का प्रवाह केवल बारिश के दिनों में ही रहता है.कई नदियों का स्रोत भी संकट में है, वहां से पर्या...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.