नई दिल्ली, नवम्बर 26 -- केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि गैर विनियमित ऑनलाइन गेमिंग ऐप का आतंकवाद के वित्तपोषण और धनशोधन से संबंध है तथा इन वर्चुअल प्लेटफॉर्म का विनियमन करने के लिए कानून लाने को उचित ठहराया। न्यायमूर्ति जे. बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति के. वी. विश्वनाथन की पीठ ने कहा कि वह इस मामले पर गुरुवार को सुनवाई करने का प्रयास करेगी। केंद्र द्वारा दाखिल हलफनामे में कहा गया कि ऑनलाइन मनी गेमिंग का बेरोक-टोक विस्तार वित्तीय धोखाधड़ी, धन शोधन, कर चोरी और कुछ मामलों में आतंकवाद के वित्तपोषण से जुड़ा है, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा, लोक व्यवस्था और राष्ट्र की अखंडता को खतरा पैदा हो रहा है। सरकार ने कहा कि व्यक्तियों, परिवारों, समाज और देश पर ऑनलाइन मनी गेमिंग के हानिकारक और नकारात्मक प्रभाव को देखते हुए ऑनलाइन गेमिंग संवर्धन एवं विनियमन ...
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