कानपुर, जनवरी 24 -- कानपुर। बाल रोग अकादमी की ओर से डॉ. जेआर श्रीवास्तव ओरेशन का आयोजन शनिवार को किया गया। मुख्य अतिथि बेंगलुरु की बाल रोग एवं किशोर स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. प्रीति गालागली ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। उन्होंने कहा कि किशोरावस्था अवसरों से भरी है, लेकिन यह संवेदनशील भी है। बाल रोग विशेषज्ञ, अभिभावक मिलकर काम करें तो किशोरों को स्वस्थ, आत्मविश्वासी और जिम्मेदार नागरिक बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि किशोरावस्था (10 से 19 वर्ष) जीवन का वह चरण है, जब शारीरिक, मानसिक और सामाजिक परिवर्तन तीव्र गति से होते हैं। भारत में लगभग 25 करोड़ किशोर हैं जो कुल जनसंख्या का लगभग 21% हिस्सा हैं। यह आयु वर्ग देश के भविष्य की नींव है। सही मार्गदर्शन और सहयोग मिले तो वह कमाल करने की क्षमता रखते है। आयु ही नहीं अवसरों का दौर कहा जा सकता है। उन्...