फरीदाबाद, नवम्बर 19 -- अल-फलाह ग्रुप के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी को दिल्ली की एक अदालत ने 13 दिनों के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) की हिरासत में भेज दिया है। जस्टिस शीतल चौधरी प्रधान ने अपने कैंप ऑफिस से मध्यरात्रि का यह फैसला सुनाया, जो पैसे की काली दुनिया के एक बड़े घोटाले की परतें खोलने वाला लगता है। कोर्ट ने अपने विस्तृत रिमांड आदेश में साफ कहा है कि प्रथम दृष्टया यह मानने के 'उचित आधार' मौजूद हैं कि सिद्दीकी ने बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी, जाली मान्यता के दावों और अल-फलाह यूनिवर्सिटी के फंड को खुर्द-बुर्द करने से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग का अपराध किया है।आधी रात को हुई कार्रवाई: रिमांड ऑर्डर में क्या? एडिशनल सेशंस जज शीतल चौधरी प्रधान ने अपने कैंप ऑफिस से देर रात यह रिमांड आदेश पारित किया। जज ने रिकॉर्ड किया कि सिद्दीकी को 18 नवंबर की देर रा...