सहारनपुर, नवम्बर 26 -- जमीयत दावतुल मुसलीमीन के संरक्षक कारी इस्हाक गोरा ने मुस्लिम परिवारों में सामाजिक समारोहों के दौरान म्यूजिक बजाने, नाच गाने, बैंडबाजों, आतिशबाजी और हर्ष फायरिंग के चलन पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने इन कार्यो को गैर शरई अमल बताते हुए कहा कि वर्तमान परेशानियों का सबब बन रहे हैं। कारी इस्हाक गोरा ने बुधवार को जारी बयान में कहा कि आज स्टेटस सिंबल (प्रतिष्ठा का प्रतीक) के चलते अल्लाह की नाफरमानी को अपनाया जा रहा है। उन्होंने अफसोस जताया कि इस्लाम मे जिन कामों से बचने की मनाही की गई है, वही काम आज खुशी, शोहरत, फैशन और आधुनिकता के नाम पर आम होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारे घरों में कुरआन की तिलावत की जगह म्यूजिक और गानों ने ले ली है, जबकि यही हाल दुकानों का है। कहा कि अब हमारी शादियों में भी इबादत का माहौल नहीं बल्कि ...
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