बगहा, फरवरी 5 -- जिले में कई वित्त रहित कॉलेज संचालित हो रहे हैं। यहां छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा ग्रहण करते हैं। चार डिग्री वित्त रहित अनुदानित कॉलेज के प्रोफेसरों का बुरा हाल है। उन्हें समान काम समानवेतन तो दूर समय पर अनुदान तक नहीं मिलता है। वित्त रहित प्रोफेसरों को वर्ष 2017 के बाद से बिहार सरकार द्वारा मिलने वाली अनुदान की राशि अब तक नहीं मिल पाई है। इस कारण इन प्रोफेसर की आर्थिक स्थिति डामाडोल हो गई है। प्रोफेसर का कहना है कि सिर्फ कॉलेज से मिलने वाले मानदेय के सहारे हम लोग जी रहे हैं। हम लोगों की हालत ऐसी है कि कहने के लिए कॉलेज के प्रोफेसर हैं। लेकिन वेतन हाई स्कूल के शिक्षक से भी कम है। सरकारी के बराबर हमलोग वित्त रहित कॉलेज में हमलोग छात्रों को शिक्षा देते हैं। लेकिन समान काम के बदले समान वेतन हम लोग को सरकार नहीं दे रही है। कॉल...
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