खगडि़या, जनवरी 1 -- अलौली। एक प्रतिनिधि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र हो या अतिरिक्त पीएचसी हरिपुर, शुंभा, मेघौना व मोहराघाट में प्रसव कराने की सुविधा मिलनी चाहिए वह प्राप्त नहीं हो पाती है। जबकि अस्पताल में गरीब व वंचित परिवार की महिलाएं प्रसव कराने ज्यादा आती हैं। प्रसव कक्ष परिसर में किसी मर्द को आना वर्जित रहता है। रहना भी उचित है, परन्तु जिस जिम्मेदारी को लेकर मर्द परिजनों को बाहर रखा जाता है उस जिम्मेदारी का अनुचित लाभ उठाना कहीं से भी वेहतर व्यवस्था नहीं मानी जा सकती। अज्ञानी परिजन ममता व आशा कार्यकर्ता के मार्गदर्शन में आदेश सुनती है। बताया जाता है कि छोटे ऑपरेशन के नाम पर सिलाई धागा बाहर से खरीद कर मंगाया जाता है या तीन सौ रुपये में धागा एएनएम द्वारा उपलब्ध कराया जाता है। वैसी स्थिति में सिलाई करने की भी फीस निर्धारित कर रखी जाती ह...
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