खगडि़या, अगस्त 9 -- अलौली। एक प्रतिनिधि वित्तीय वर्ष 2020-21 में पंचायत स्तर से सार्वजनिक शौचालय का निर्माण महादलित बस्ती में किया गया था, जो बनने के साथही टूटकर बिखर गया है। जबकि पंचायत स्तर से प्रति यूनिट चार से पांच लाख की लागत से निर्माण किया गया था। निर्माण के समय मे ही गुणवत्ता पर कई सवाल उठाया गया, परन्तु किसी पदाधिकारी स्तर से इस पर ध्यान नहीं दिया गया। स्थल का चयन लोगों की जरूरत देखकर नहीं निर्माणकत्र्ता की सुविधा अनुसार किया गया। ग्राम पंचायत के सदस्यों को भी यह पता नहीं कि पंचायत कहां पर सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कर रहा है। नदी किनारे का सफेद बालू, घटिया किस्म कीईंट व सीमेंट का उपयोग हुआ। रंग-रोगन अच्छा कर दिखा दिया गया। निर्माण स्थल पर लगे चापानल भी ठेकेदार ले गया। शौचालय का दरवाजा में इतनी गुणवत्ता कि बिना उपयोग किए ही टेढ़ा...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.