जमुई, नवम्बर 22 -- अलीगंज । निज संवाददाता दाल का कटोरा कहा जाने वाला अलीगंज प्रखंड के अधिकांश गांवों में रवि की फसल मसूर, चना, मटर, खेसारी की फसल में बड़े पैमाने पर कीड़ाखोरी होने से किसानों को लाखों का नुकसान हो गया है। प्रखंड के नोनी, डीहरी, बारा, कैथा, छटीएनि, दिननगर, कैयार, साँपो, सेवे, कोल्हाना, मैना, इस्लामनगर, पुरसन्डा आदि कई गांवों में बड़े पैमाने पर दलहनी फसल की खेती होती है। लेकिन खेतों में मिट्टी से पौधा निकलते ही पौधा सुख जा रहा है, पौधा में लगा कीड़ा इतना सूक्ष्म होता है की आंखों से देख पाना मुश्किल है। कीड़ाखोरी की वजह से कई बीघे खेत परती हो गया है। एक बीघा खेत की बुआई करने में लगभग चार हजार रुपये खर्च आता है, जैसे 1000 रुपये जुताई, तीन हजार का खाद बीज मजदूरी, इस वजह से यहां के किसानों का लाखो रुपये बर्बाद हो गया। अब किसान परती ह...
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