उरई, दिसम्बर 29 -- उरई। रेलवे ने यात्रियों व कर्मचारियों को सहूलियत के लिए दी गई सौगातें वर्ष- 2025 के आखिरी तक पूरी नहीं हो पाईं। अफसरों की अनदेखी और ठेकेदारों के ढुलमुल रवैये से परियोजनाएं अधूरी हैं। लिफ्ट चालू नहीं हो पाई तो वहीं, कम्नयुनिटी हॉल, आरपीएफ बैरक और मैटल फैसिंग का काम पूरा नहीं हो पाया। इनके कम्पलीट न होने से रेल कर्मचारी और यात्री दोनों प्रभावित हैं। हालांकि उरई से सीधे नई दिल्ली के लिए ट्रेन की मांग भी पूरी नहीं हो सकी। झांसी-कानपुर रेलमार्ग के बीच उरई उच्च श्रेणी का स्टेशन है। अभिलेखों पर गौर करें तो यहां से रोज दो से ढाई हजार यात्री झांसी, कानपुर, गोरखपुर, मुंबई, लखनऊ, दिल्ली, बिहार, पटना, चेन्नई, मद्रास समेत विभिन्न जगहों के लिए ट्रेन से सफर करते हैं। अमृत भारत स्टेशन होने से वर्ष 2024 दिसंबर में लिफ्ट की सौगात दी गई। ...