नई दिल्ली, जनवरी 12 -- देशभर में हर साल जनवरी महीने को सर्वाइकल कैंसर जागरूकता माह के रूप में मनाया जाता है। यह खास माह सर्वाइकल स्वास्थ्य और उसकी सुरक्षा के बारे में जानने का एक बेहतरीन समय है। सर्वाइकल कैंसर का सबसे बड़ा कारण ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) संक्रमण है, जो एक यौन संचारित वायरस है। कुछ साल पहले तक सर्वाइकल कैंसर को उम्र से जोड़कर देखा जाता था। लेकिन आज गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर उम्रदराज महिलाओं के साथ-साथ कम उम्र की लड़कियां और युवा महिलाओं को भी अपनी चपेट में ले रहा है। रेनबो हॉस्पिटल की ऑब्स्टेट्रिशियन व गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. अलका चौधरी के अनुसार आजकल 30 साल से कम उम्र की महिलाओं में सर्वाइकल से जुड़ी समस्याएं, खासकर प्री-कैंसर घाव और सर्वाइकल कैंसर, पहले से ज्यादा देखने को मिल रही हैं। यह पिछले कई दशकों में हुई प्रगति के उलट...