नई दिल्ली, अगस्त 30 -- दिल्ली हाईकोर्ट ने अपने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि वैवाहिक विवादों के बावजूद अलग हुए पति की मौत के बाद भी पत्नी को फैमिली पेंशन से वंचित नहीं किया जा सकता। हाईकोर्ट ने कैट के आदेश को रद्दे करते हुए कहा कि जब तक पति-पत्नी का तलाक न हो जाए, तब तक महिला हर वो लाभ पाने की हकदार होगी, जो पति की मौत के बाद उसे मिलने चाहिए। जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस मधु जैन की बेंच ने कहा कि सिर्फ इसलिए कि महिला ने फैमिली पेंशन जारी करने के लिए आवेदन देने में देरी की है, वह उसे पति की मौत की तारीख से राहत देने से इनकार नहीं करेगी। बेंच ने 1 अगस्त को कहा, "यह तथ्य कि याचिकाकर्ता (पत्नी) ने मृतक से भरण-पोषण की मांग करते हुए एक आवेदन दायर किया था, यह दर्शाता है कि याचिकाकर्ता और मृतक पति के बीच कुछ वैवाहिक विवाद थे। इसीलिए, जब तक तला...
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