बोकारो, दिसम्बर 2 -- पेटरवार, प्रतिनिधि। अर्थव्यवस्था के विकास और अस्तित्व के लिए कृषि एक आधारभूत स्तंभ है, किंतु किसानों द्वारा उपयोग किए जाने वाले कीटनाशक और रासायनिक उर्वरक जल-संबंधित पारिस्थिति की तंत्र और भूजल को प्रदूषित कर सकते हैं। उक्त बातें कृषि विज्ञान केंद्र पेटरवार के वरीय वैज्ञानिक सह प्रधान रंजय कुमार सिंह ने हिन्दुस्तान से कही। उन्होंने कहा कि रासायनिक के दुरूपयोग और उपचार किसानों के स्वास्थ्य के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बन चुके हैं। कृषि भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, आज कई गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है, जैसे उत्पादन लागत में वृद्धि, पर्यावरणीय क्षरण और असतत खेती की विधियां। ऐसे समय में प्राकृतिक खेती एक आशा की किरण के रूप में उभरती है, जो किसानों, उपभोक्ताओं और पर्यावरण सभी के लिए एक सतत और लागत प्रभावी मॉडल प्र...