बागपत, जनवरी 14 -- बिनौली। सिरसली गांव के वैदिक निकेतन धाम पर चल रहे चार दिवसीय 33वें अर्थववेद परायण महायज्ञ के चौथे दिन बुधवार को पूर्णाहुति के साथ समापन हो गया। यज्ञ के ब्रह्मा आचार्य देवपाल शास्त्री ने यज्ञ संपन्न कराया। यजमान डॉ. प्रशांत आर्य, डॉ. हर्षिता रहे। आध्यात्मिक गुरु योग तीर्थ देव व्रत महाराज ने कहा ध्यान भौतिक धन से कहीं अधिक मूल्यवान हैं। यज्ञ में ब्रह्मा आचार्य देवपाल शास्त्री, सत्यवेश महाराज, आचार्य हरबीर आर्य, प्रो. सुरेंद्र आर्य ने भी वेदोपदेश दिये। प्रसिद्ध भजनों पदेशक सहदेव सिंह बेधड़क ने समधुर भजन प्रस्तुत किये। यज्ञ में डॉ. अनिल आर्य, राजू तोमर, पूर्व प्रधानाचार्य सुखबीर सिंह, आचार्य सुनील कुमार, अजय आर्य, आशीष आर्य, आर्यन, देवआर्य, अक्षित, प्रज्ञादेव आदि ने आहुतियां दी। देश को बचाने को जनसंख्या नियंत्रण कानून जरुरी:...