अररिया, जुलाई 28 -- कुर्साकांटा, निज प्रतिनिधि। किसान धान की खेती में जुटे हैं। धान के अच्छे उत्पादन के लिए हर संभव प्रयासरत है। अच्छी फसल उत्पादन के लिए खेत की मिट्टी और उन्न्त किस्म के बीज का होना जरुरी है लेकिन किसान फसलों की अधिक पैदावार के लिए अधिक से अधिक रासायनिक उर्वरक व कीटनाशक दवाईयां का प्रयोग करने लगा है। इससे फसल का उत्पादन तो बढ़ा है लेकिन लागातर रासायनिक उर्वरक का प्रयोग करने से मिट्टी पर बुरा प्रभाव पड़ने के साथ प्राकृतिक वातावरण बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। यही नहीं उपभोक्ताओं के सेहत पर भी इसका असर पड़ रहा है। वास्तविकता यह है कि हमलोग जहर का सेवन कर रहे हैं। यह जहर दलहन, तेलहन, सब्जी, फलों आदि के माध्यम से हमारे पेट में जाता है, क्योंकि अधिक से अधिक धान, दलहन, सब्जी, फल आदि के अधिक पैदावार करने के चक्कर में किसान ज्यादा से...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.