नई दिल्ली, सितम्बर 15 -- यूपी में नेपाल से सटे जिलों में अरबों की जमीनों की खरीद फरोख्त हो रही है। इनमें करोड़ों का मुनाफा कमाया जा रहा है। लेकिन इनकम टैक्स कुछ भी नहीं दिया जा रहा। अब संदेह के आधार पर आयकर विभाग ने जब सब रजिस्ट्रार दफ्तरों में सर्वे शुरू किया तो 1000 करोड़ रुपये की सम्पत्तियों का लेखा जोखा मिला। स्टाम्प एवं निबंधन विभाग की भी इसमें संलिप्तता सामने आ रही है। 30 लाख रुपये से ज्यादा कीमत वाली प्रॉपर्टी का बैनामा करते समय आयकर को स्टेटमेंट देना होता है। इन मामलों में या तो बाद में स्टेटमेंट हटाया गया या फिर पैन नम्बर गलत डाल दिए गए। डेटा माइनिंग में बड़े खेल पकड़ में आने के बाद आयकर विभाग ने प्रदेश के सीमांत क्षेत्रों में सर्वे शुरू कर दिया है। रियल एस्टेट से जुड़े कालेधन पर नकेल कसने के लिए यह एक बड़ा अभियान है। इस क्रम में...
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