वरिष्ठ संवाददाता, नवम्बर 24 -- रामनगरी में कट्टरपंथियों का इतिहास खंगाला जा रहा है। पुलिस अधिकारियों द्वारा डेढ़ से दो दशक के पहले और अब तक इस बीच में उनके रहन- सहन, तौर-तरीके और गतिविधियों का तुलनात्मक अध्ययन किया जा रहा है। फर्क पाए जाने पर उन्हें जांच के दायरे में रखा जा रहा है। दिल्ली ब्लास्ट और 25 को होने वाले शिखर ध्वजारोहण महोत्सव को लेकर अतिरिक्त सुरक्षा बंदोबस्त किए गए हैं। जिले में कट्टरपंथियों की सूची बनाई जा रही है। पहले और अब की माली हैसियत के आंकड़े जुटाए जा रहे हैं। दिल्ली ब्लास्ट के बाद जिस तरह प्रदेश के कुछ मानिंद लोगों के नाम संदिग्ध में शामिल हुए हैं, उनसे बाद शासन के निर्देश पर यह कार्रवाई शुरू की गई है। सूत्रों की माने तो क्षेत्रवार स्थानीय लोगों द्वारा जानकारी इकट्ठा की जा रही है। उन्हें किसी भी व्यक्ति पर संदेह होने प...