बिजनौर, अगस्त 26 -- अमेरिका द्वारा भारतीय वस्तुओं पर बढ़ाए गए टैरिफ का सीधा असर अब जिला बिजनौर की पहचान नगीना के लकड़ी के शिल्प (ओडीओपी) पर पड़ने जा रहा है। भारत के लकड़ी शिल्प निर्यात में अमेरिका सबसे बड़ा खरीदार रहा है, जहां करोड़ों रुपये का व्यापार हर वर्ष होता है। विशेषज्ञों के अनुसार, हाल ही में लगाए गए लगभग 50 प्रतिशत तक के आयात शुल्क से भारतीय शिल्प उत्पाद अमेरिकी बाज़ार में महंगे हो जाएंगे। इसका परिणाम यह होगा कि अमेरिकी रिटेलर सस्ते विकल्प जैसे वियतनाम, चीन या कंबोडिया की ओर रुख कर सकते हैं। नगीना के हजारों कारीगरों की रोज़ी-रोटी इस निर्यात पर निर्भर है। यहां के शिल्पकार पीढ़ियों से देवदार की लकड़ी पर नक्काशी कर अपनी कला को विश्वभर में पहुंचाते रहे हैं। यदि ऑर्डर रुकते हैं या कम होते हैं तो न केवल उनकी आमदनी प्रभावित होगी, बल्कि कई इकाइय...
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