नई दिल्ली, जुलाई 26 -- एक जीवंत लोकतंत्र की सबसे बड़ी निशानी क्या है? उसमें हाशिये की आवाज भी पूरी संजीदगी से सुनी जाती है। अपनी कुछ कमियों के बावजूद अमेरिकी लोकतंत्र इस कसौटी पर खरा उतरता है, तभी तो भारतीय मूल के ममदानी उसकी आर्थिक राजधानी न्यूयॉर्क के मेयर पद की ओर सरपट दौड़ पड़े हैं और अब एक सोमालियाई मूल के युवा उमर महमूद फतेह ने मिनियापोलिस सिटी के मेयर पद के लिए डेमोक्रेट उम्मीदवार के तौर पर प्राइमरी में फतह हासिल की है। उमर की इस उपलब्धि का महत्व आप तभी समझ पाएंगे, जब उनके पुरखों की धरती सोमालिया के हालात से आप वाकिफ हों। सोमालिया दुनिया के नाकाम देशों की सूची में नंबर एक पर है। दशकों से जारी अराजकता, बेलगाम हिंसा और भूख के कारण जिसे भी मौका मिलता है, वह वहां से भाग निकलता है। उमर के माता-पिता, दोनों को पिछली सदी के साठ के दशक में ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.