नई दिल्ली, अगस्त 29 -- बलिराम भगत ,पूर्व विदेश मंत्री भारत और अमेरिका के संबंध फिर एक बार खराब हो गए हैं और इनके मूल कारण भी वही हैं। ...मैं इस बात पर बार-बार बल देना चाहता हूं, अमेरिकी प्रणाली के अंदर ही वह शक्ति है, जिसने युद्धोत्तर विश्व के सभी शांतिपूर्ण संबंधों को नष्ट किया। उसने ही भारत और अमेरिका के बीच बढ़ रहे संबंधों को नष्ट किया। उसने उस समय इस बात की भी योजना बनाई थी, जो गुप्त रिपोर्ट से पता चला कि उसका परमाणु बमों पर एकाधिकार था, और उसने हमला करने के लिए सोवियत संघ के बीस नगरों को लक्ष्य पर रखा था। उस समय यह एक खतरनाक स्थिति थी।... अमेरिका के विदेश मंत्री ने यहां तक कह दिया कि गुटनिरपेक्षता अनैतिक है। आप जानते हैं, सैनिक गुट और अमेरिका में भी सैनिक औद्योगिक समूह प्रबल है।... यह सच है कि राष्ट्रपति आइजनहावर ने लिखित आश्वासन दिय...
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